कई बार नाखून चबाना स्ट्रेस या एंजायटी का संकेत होता है.
समाचार
N
News1826-01-2026, 10:31

तनाव में नाखून क्यों चबाते हैं लोग? जानिए इस आदत के पीछे का विज्ञान और स्वास्थ्य जोखिम.

  • नाखून चबाना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ऑनिकोफैगिया कहते हैं, बच्चों और वयस्कों दोनों में आम है और अक्सर तनाव व चिंता से जुड़ा होता है.
  • यह एक आत्म-शांत करने वाली क्रिया है जो मानसिक बेचैनी, ऊब, निराशा या एकाग्रता की कमी से अस्थायी राहत देती है.
  • यह आदत अनजाने में हो सकती है, जैसे सोचते समय, टीवी देखते समय या फोन पर बात करते समय, और ADHD जैसी स्थितियों से बढ़ सकती है.
  • यह आदत छोटी लग सकती है, लेकिन इसके स्वास्थ्य जोखिम हैं, जिनमें बैक्टीरिया से संक्रमण, पेट की समस्याएँ, दाँत और मसूड़ों को नुकसान, और नाखून की संरचना में स्थायी बदलाव शामिल हैं.
  • इस आदत को रोकने के तरीकों में ट्रिगर्स की पहचान करना, स्ट्रेस बॉल का उपयोग करना, नाखून छोटे रखना, कड़वे स्वाद वाली नेल पॉलिश लगाना और गंभीर मामलों में मनोवैज्ञानिक परामर्श लेना शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नाखून चबाना तनाव, चिंता या ऊब से प्रेरित एक सामान्य आत्म-शांत करने वाला व्यवहार है, जिसके संभावित स्वास्थ्य जोखिम हैं.

More like this

Loading more articles...