विशेष व्यंजन: शहद, केसर और मिट्टी का अनोखा मेल! जानें कैसे यह शाही नुस्खा बना आज की मशहूर हैदराबादी कुल्फी
Loading more articles...
शाही नुस्खा: शहद, केसर और मिट्टी से बनी हैदराबादी कुल्फी का अनोखा इतिहास!
N
News18•17-03-2026, 12:30
शाही नुस्खा: शहद, केसर और मिट्टी से बनी हैदराबादी कुल्फी का अनोखा इतिहास!
•हैदराबादी कुल्फी और ज़ाफरानी चाय की जड़ें मुगल और निज़ाम काल से जुड़ी हैं, जो सदियों पुरानी विरासत का हिस्सा हैं.
•निज़ाम के रसोइयों ने बिना रेफ्रिजरेटर के कुल्फी बनाने के लिए दूध को घंटों उबालकर, शहद और केसर मिलाकर मिट्टी के मटकों में बर्फ और नमक के बीच जमाया.
•मिट्टी के मटकों में जमाने से कुल्फी में मिट्टी की सौंधी खुशबू आती थी, जो इसे एक अनूठा स्वाद देती थी.
•ज़ाफरानी चाय भी ईरानी प्रवासियों द्वारा लाई गई 'दम चाय' में केसर मिलाकर शाही पेय बन गई, जो अपने रंग, स्वाद और स्वास्थ्य गुणों के लिए जानी जाती थी.
•आज भी चारमीनार के पास मिलने वाली मटका कुल्फी और ज़ाफरानी चाय उसी शाही परंपरा का आधुनिक रूप हैं, जो हैदराबाद की नवाबी शान और गंगा-जमुनी संस्कृति को दर्शाती हैं.