सिलबट्टा की छिनाई करता युवक 
सुझाव और तरकीबें
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News1804-01-2026, 14:14

सालों तक नहीं घिसेगा सिलबट्टा! बस एक बार करवाएं ये काम, मिनटों में पिसेगी टेस्टी चटनी.

  • पारंपरिक सिलबट्टे पर बनी चटनी का स्वाद मिक्सर की तुलना में बेहतर होता है, जो भारतीय रसोई की पहचान है.
  • समय के साथ सिलबट्टा घिसकर चिकना हो जाता है, जिससे चटनी पीसना मुश्किल हो जाता है और उसे 'टांकी' करवाना ज़रूरी होता है.
  • पत्थर पर टांकी करने वाले अल्लूरम लोकल 18 के अनुसार, उपयोग के आधार पर हर दूसरे साल सिलबट्टे को टांकी करवाना चाहिए.
  • टांकी के बाद सिलबट्टे पर छोटे गड्ढे बन जाते हैं, जिससे सामग्री आसानी से पिसती है और चटनी का स्वाद बढ़ता है.
  • टांकी के तुरंत बाद, सिलबट्टे को चावल के छिलके से रगड़कर साफ करें ताकि पत्थर के कण निकल जाएं और चटनी किरकिरी न लगे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सिलबट्टे को हर दूसरे साल टांकी करवाने से वह सालों तक चलेगा और स्वादिष्ट चटनी आसानी से बनेगी.

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