गुरुत्वाकर्षण के बिना एक दिन: शरीर, दिल और दिमाग पर क्या होगा असर? जानें वैज्ञानिक तथ्य.
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जीरो ग्रेविटी में 24 घंटे: शरीर पर क्या होगा असर? जानें विज्ञान की बात.
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News18•05-03-2026, 14:43
जीरो ग्रेविटी में 24 घंटे: शरीर पर क्या होगा असर? जानें विज्ञान की बात.
•24 घंटे जीरो ग्रेविटी में रहने से रक्त निचले शरीर से छाती और सिर की ओर बढ़ता है, जिससे नाक बंद, चेहरे पर सूजन और सिरदर्द हो सकता है.
•प्लाज्मा की मात्रा घटती है और मूत्र उत्पादन बढ़ता है; हृदय पर कम दबाव पड़ता है, जिससे रक्तचाप में उतार-चढ़ाव होता है और फिर गिरावट आती है.
•मस्तिष्क को आंतरिक कान, आंखों, मांसपेशियों और जोड़ों से मिलने वाले संकेतों में बाधा आने से भ्रम और स्थानिक भटकाव का अनुभव होता है.
•24 घंटे में मांसपेशियों या हड्डियों को कोई खास नुकसान नहीं होता, लेकिन एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने पर यह क्षति हो सकती है.
•गुरुत्वाकर्षण में लौटने पर रक्त पैरों की ओर खिंचता है, जिससे चक्कर या बेहोशी (ऑर्थोस्टेटिक असहिष्णुता) हो सकती है, हालांकि स्वस्थ शरीर जल्दी अनुकूल हो जाता है.