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'मां नहीं, दादाजी के साथ रहना है', बच्चे ने जज के सामने क्यों कही यह बात.
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ग्वालियर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बच्चे की कस्टडी दादा को, फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द.
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News18
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02-03-2026, 20:07
ग्वालियर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बच्चे की कस्टडी दादा को, फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द.
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ग्वालियर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने दतिया फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर बच्चे की कस्टडी दादा को सौंपी.
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कोर्ट ने कहा कि बच्चे का पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य ही कस्टडी का आधार होना चाहिए.
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बच्चे के पिता का निधन हो चुका है और मां ने दूसरी शादी के बाद उसे छोड़ दिया था, अब वह दूसरा घर भी छोड़ चुकी है.
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दादा सरकारी शिक्षक हैं और बच्चे के पालन-पोषण के लिए पर्याप्त संसाधन और क्षमता रखते हैं.
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यह फैसला बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देता है, जो भविष्य के मामलों के लिए मिसाल बनेगा.
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