शादी के झूठे वादे पर शादीशुदा महिला रेप का दावा नहीं कर सकती: सुप्रीम कोर्ट
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News1806-02-2026, 06:11

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा महिला की सहमति से बने संबंध में रेप केस नहीं

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि शादीशुदा महिला किसी अन्य पुरुष के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाती है और रिश्ता बिगड़ने पर शादी के झूठे वादे का आरोप लगाकर रेप केस दर्ज नहीं कर सकती.
  • जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा कि महिला अपने मौजूदा विवाह के कारण शादी के लिए योग्य नहीं थी, इसलिए वह शादी के झूठे वादे का दावा नहीं कर सकती.
  • यह आदेश एक महिला वकील द्वारा दायर शिकायत के आधार पर एक वकील के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए पारित किया गया, जिसमें महिला ने रेप का आरोप लगाया था.
  • सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5(i) का हवाला देते हुए कहा कि यदि शिकायतकर्ता स्वयं विवाह के लिए योग्य नहीं है, तो शादी का वादा कानूनी रूप से लागू करने योग्य नहीं होगा.
  • कोर्ट ने रेप कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की, खासकर जब रोमांटिक रिश्ते टूट जाते हैं, और प्रत्येक मामले की सावधानीपूर्वक जांच करने का आग्रह किया.

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