राजस्थान हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
जयपुर
N
News1820-01-2026, 09:57

राजस्थान HC का ऐतिहासिक फैसला: 'नाता विवाह' महिला को पारिवारिक पेंशन का अधिकार

  • राजस्थान उच्च न्यायालय ने 'नाता विवाह' वाली महिला को पति की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन का अधिकार दिया है.
  • 60 वर्षीय राम प्यारी सुमन ने अपने पति, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी पूरन लाल सैनी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन की मांग की थी.
  • राज्य सरकार ने शुरू में दावा खारिज कर दिया था, यह तर्क देते हुए कि 'नाता विवाह' एक अनुबंध है, कानूनी विवाह नहीं, और सुमन को केवल 'नाता पत्नी' के रूप में दर्ज किया गया था.
  • न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की एकल पीठ ने अधिकारियों को पेंशन जारी करने का निर्देश दिया, जिसमें सैनी के 20 साल पहले फैमिली कोर्ट में दिए गए बयान को उनके वैवाहिक संबंध के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया गया था.
  • इस ऐतिहासिक फैसले को न्याय की जीत माना जा रहा है, जो नाता विवाह जैसी पारंपरिक प्रणालियों के भीतर महिलाओं के कानूनी अधिकारों और समानता को सुनिश्चित करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजस्थान HC ने 'नाता विवाह' महिलाओं के लिए पारिवारिक पेंशन अधिकारों को बरकरार रखा, राज्य के तर्क को खारिज किया.

More like this

Loading more articles...