इलाहाबाद हाईकोर्ट.
इलाहाबाद
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News1824-01-2026, 07:12

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी के कृत्यों से पति की कमाई खत्म तो भरण-पोषण नहीं

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पत्नी के कृत्यों या लापरवाही से पति की कमाई की क्षमता नष्ट हो जाती है, तो वह भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती.
  • कोर्ट ने कुशीनगर की एक महिला की याचिका खारिज कर दी, जिसने अपने पति से भरण-पोषण की मांग की थी.
  • महिला के पति, एक होम्योपैथिक डॉक्टर, को कथित तौर पर उसकी पत्नी के भाई और पिता ने गोली मार दी थी, जिससे वह काम करने में असमर्थ हो गया.
  • जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, यह देखते हुए कि ऐसी स्थिति में भरण-पोषण देना पति के साथ घोर अन्याय होगा.
  • हाईकोर्ट ने कहा कि पति की आजीविका पत्नी के आचरण या उसके परिवार के कृत्यों के कारण छिन जाए, तो वह भरण-पोषण का लाभ नहीं उठा सकती.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पत्नी या उसके परिवार के कृत्यों से पति की कमाई की क्षमता नष्ट होने पर भरण-पोषण का दायित्व नहीं.

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