इस्लाम मे पत्नी सेविका नहीं, सम्मान की हक़दार, पत्नी को ससुराल में सम्मान<br>
अलीगढ़
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News1803-01-2026, 09:25

इस्लाम में पत्नी के हक: ससुराल में सम्मान, सुरक्षा और निजता अनिवार्य.

  • इस्लाम में पत्नी के हक, सम्मान और ससुराल में उसकी सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जो अक्सर समाज में उपेक्षित होते हैं.
  • मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन के अनुसार, पत्नी को व्यक्तिगत स्वतंत्रता, निजता और समान सम्मान का अधिकार है, वह केवल सेविका नहीं है.
  • पति और ससुराल वालों पर पत्नी के लिए आवास, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है.
  • ससुराल वालों से सम्मान प्राप्त करना और उसके निजी जीवन में हस्तक्षेप न होना भी पत्नी का अधिकार है.
  • सास या ननद द्वारा ताना मारना या अपमानजनक टिप्पणी करना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है, यह केवल व्यक्तिगत सोच का परिणाम है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इस्लाम ससुराल में पत्नी के लिए पूर्ण सम्मान, सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करता है.

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