इलाहाबाद HC: लिव-इन संबंध वैध, पुलिस जोड़ों को खतरों से बचाए.

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News18•19-12-2025, 12:34
इलाहाबाद HC: लिव-इन संबंध वैध, पुलिस जोड़ों को खतरों से बचाए.
- •इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिवारों से धमकियों का सामना कर रहे 12 लिव-इन जोड़ों के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया.
- •अदालत ने पुष्टि की कि लिव-इन संबंध अवैध नहीं हैं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक संरक्षण के अंतर्गत आते हैं.
- •न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने कहा कि जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार वैवाहिक स्थिति पर निर्भर नहीं करता है.
- •फैसले में जोर दिया गया कि सामाजिक असहजता संवैधानिक अधिकारों और नागरिकों की रक्षा के राज्य के दायित्व को कम नहीं कर सकती.
- •यह घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के अनुरूप है और व्यक्तिगत स्वायत्तता को मजबूत करते हुए पिछली सुरक्षा से इनकार करने वाली रूलिंग से अलग है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इलाहाबाद HC ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बरकरार रखा, लिव-इन जोड़ों के लिए पुलिस सुरक्षा अनिवार्य की.
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