पहाड़ों की होली में महिलाएं स्वांग रचती है
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News1823-02-2026, 16:54

कुमाऊंनी होली: महिलाएं स्वांग से देती हैं समाज को संदेश, रंग और संस्कृति का अनूठा संगम.

  • उत्तराखंड के कुमाऊं में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, संगीत और सामाजिक चेतना का जीवंत उत्सव है, जो शास्त्रीय रागों और 'स्वांग' की परंपरा के लिए जाना जाता है.
  • स्वांग एक नाटकीय लोक प्रदर्शन है जहां 'होल्यार' विभिन्न वेशभूषा धारण करते हैं, अक्सर महिलाएं अंग्रेज, पंडित या सेठ बनकर हास्य और व्यंग्य के माध्यम से समाज को संदेश देती हैं.
  • यह परंपरा होली से लगभग पंद्रह दिन पहले बैठकी होली के साथ शुरू होती है, जहां महिलाएं शास्त्रीय होली गीतों के बीच स्वांग की तैयारी करती हैं.
  • स्वांग को महिलाओं की होली का अभिन्न अंग माना जाता है, जो अभिनय करने, सामाजिक बुराइयों को उजागर करने और 'बेटी बचाओ' व पर्यावरण संरक्षण जैसे समकालीन मुद्दों पर संदेश देने का अवसर प्रदान करता है.
  • होली का यह अनूठा रूप मनोरंजन के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़ता है, पीढ़ियों को जोड़ता है और समुदाय में अपनेपन की भावना को बढ़ाता है.

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