भोटिया जनजाति का सिक्का हार: उत्तराखंड के पारंपरिक रुपल्ली आभूषण का इतिहास.
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उत्तराखंड: पहाड़ों में आज भी गहनों में चमकते हैं पुराने सिक्के, सहेज रहे विरासत.
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News18•15-03-2026, 16:32
उत्तराखंड: पहाड़ों में आज भी गहनों में चमकते हैं पुराने सिक्के, सहेज रहे विरासत.
•उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों, खासकर चमोली में, भोटिया जनजाति की महिलाएं आज भी 50 और 25 पैसे के पुराने सिक्कों से बनी मालाएं (सिक्का माला/रुपल्ली माला) पहनती हैं.
•यह अनूठी परंपरा एक भूले-बिसरे दौर को जीवित रखती है और क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान व विरासत को मजबूत करती है.
•सिक्कों के ये आभूषण भोटिया जनजाति के तिब्बत के साथ गौरवशाली व्यापारिक इतिहास और उनकी आर्थिक समृद्धि का प्रतीक हैं.
•यह लुप्त हो रहे सिक्कों को संरक्षित करने और पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी तक सांस्कृतिक विरासत को हस्तांतरित करने का एक सुंदर तरीका है.
•युवा महिलाएं भी स्थानीय मेलों और त्योहारों के दौरान गर्व से इन 'विरासत के गहनों' को पहनती हैं, परंपरा को जीवित रखती हैं.