ठंड में कान खुले रखना खतरनाक! डॉक्टर ने बताए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम.
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News1803-01-2026, 08:55

ठंड में कान खुले रखना खतरनाक! डॉक्टर ने बताए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम.

  • कानों में वसा या मांसपेशियों की सुरक्षात्मक परत नहीं होती, जिससे वे ठंड के प्रति संवेदनशील होते हैं और शरीर का तापमान तेजी से गिरता है.
  • ठंडी हवा से 'थर्मल शॉक' लग सकता है, जिससे सिरदर्द, चक्कर और अत्यधिक थकान होती है, खासकर बीपी रोगियों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक.
  • कानों के पीछे की वेगस और फेशियल नसें ठंड से उत्तेजित या सूज सकती हैं, जिससे गंभीर सिरदर्द या अस्थायी फेशियल पैरालिसिस हो सकता है.
  • ठंड लगने पर रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे रक्तचाप 10-15 अंक बढ़ सकता है, जो उच्च रक्तचाप वाले मरीजों के लिए हृदय पर तनाव बढ़ाता है.
  • शरीर कानों को गर्म करने में ऊर्जा लगाता है, जिससे सफेद रक्त कोशिकाएं कमजोर होती हैं और सर्दी, खांसी व वायरल बुखार का खतरा बढ़ता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ठंड में कान ढकना महत्वपूर्ण है, यह थर्मल शॉक, तंत्रिका समस्याओं और कमजोर प्रतिरक्षा से बचाता है.

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