मछली खाने के साइड इफेक्ट्स: पारा विषाक्तता और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से सावधान!

जीवनशैली
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News18•30-01-2026, 22:50
मछली खाने के साइड इफेक्ट्स: पारा विषाक्तता और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से सावधान!
- •अधिक मछली का सेवन, खासकर स्वोर्डफ़िश और किंग मैकेरल जैसी बड़ी किस्मों का, पारा विषाक्तता का कारण बन सकता है, जिससे मस्तिष्क और तंत्रिका कार्य प्रभावित होते हैं.
- •ठीक से न पकाई गई या संग्रहीत मछली में हानिकारक बैक्टीरिया और परजीवी हो सकते हैं, जिससे पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षणों के साथ फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है.
- •मछली से एलर्जी गंभीर प्रतिक्रियाएं पैदा कर सकती है, जिसमें चकत्ते, सूजन और सांस लेने में कठिनाई शामिल है, जिससे जानलेवा एनाफिलेक्सिस हो सकता है.
- •लाभकारी होने के बावजूद, मछली या सप्लीमेंट्स से अत्यधिक ओमेगा-3 का सेवन रक्त को पतला कर सकता है, जिससे रक्त पतला करने वाली दवाएं लेने वालों या चोट लगने पर जोखिम होता है.
- •खाना पकाने के तरीके महत्वपूर्ण हैं: मछली को डीप-फ्राई करने से अस्वास्थ्यकर वसा और कैलोरी जुड़ जाती है; ग्रिलिंग, बेकिंग या स्टीमिंग का विकल्प चुनें.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मछली का सेवन संयम से करें, कम पारे वाली किस्में चुनें, अच्छी तरह पकाएं और एलर्जी प्रतिक्रियाओं से अवगत रहें.
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