स्लीप पैरालिसिस: बुरे सपने में क्यों नहीं निकलती आवाज़?

जीवनशैली
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News18•29-12-2025, 16:03
स्लीप पैरालिसिस: बुरे सपने में क्यों नहीं निकलती आवाज़?
- •डरावने सपनों के दौरान चीखने या हिलने-डुलने में असमर्थता को स्लीप पैरालिसिस कहते हैं.
- •यह REM नींद के दौरान होता है, जब दिमाग सक्रिय होता है लेकिन मांसपेशियां अस्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाती हैं.
- •चीखने के लिए आवश्यक मांसपेशियां (गला, मुंह, जीभ) शिथिल होती हैं, जिससे आवाज नहीं निकलती.
- •यह शरीर का एक "सुरक्षा तंत्र" है जो सपनों को हकीकत में बदलने और चोट लगने से रोकता है.
- •नियमित नींद, सोने से पहले शांत रहना, करवट लेकर सोना और शाम को कैफीन से बचना इसे कम कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्लीप पैरालिसिस REM नींद के दौरान एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र है, जो सपनों को हकीकत में बदलने से रोकता है.
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