बथुआ में मौजूद विटामिन, मिनरल्स और फाइबर शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करते हैं. सर्द मौसम में जब शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है, तब बथुआ साग प्राकृतिक रूप से कई जरूरी तत्वों की पूर्ति करता है. नियमित रूप से बथुआ को भोजन में शामिल करने से प्रोटीन की कमी, कमजोरी और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है. यही वजह है कि पारंपरिक रसोई में बथुआ साग की सब्जी, साग या पराठे आज भी खास माने जाते हैं.
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News1827-12-2025, 21:01

बथुआ: सर्दियों का पोषण पावरहाउस! इम्यूनिटी और पाचन को प्राकृतिक रूप से बढ़ाएं.

  • बथुआ साग विटामिन, खनिज, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम और प्रोटीन से भरपूर एक पोषण का पावरहाउस है.
  • इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और प्रोटीन की कमी व मौसमी बीमारियों से बचाता है.
  • आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. बालेश्वर शर्मा के अनुसार, बथुआ रक्त शोधक और शक्तिवर्धक है, जो एनीमिया से लड़ने में मदद करता है.
  • उच्च फाइबर सामग्री कब्ज से राहत देती है, आंतों को साफ करती है और गैस व अपच जैसी समस्याओं को दूर करती है.
  • यह त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है, फोड़े, खुजली और चकत्ते से राहत देता है, और सूजन-रोधी गुणों से युक्त है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बथुआ साग सर्दियों का एक सस्ता, प्राकृतिक सुपरफूड है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता से लेकर पाचन तक कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.

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