भारत के 8 क्षेत्रीय पेय: स्वाद और संस्कृति का अनूठा संगम.

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News18•27-02-2026, 20:30
भारत के 8 क्षेत्रीय पेय: स्वाद और संस्कृति का अनूठा संगम.
- •छांग (सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख): हल्का किण्वित बाजरा या चावल की बीयर, खट्टी, गर्म करने वाली, सामाजिक रूप से साझा की जाती है.
- •फेनी (गोवा): काजू सेब या नारियल से बनी तेज आसुत शराब, फलदार, शक्तिशाली, गोवा की संस्कृति का अभिन्न अंग.
- •टोडी (केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक): ताड़ के पेड़ों के रस से बनी मीठी, हल्की मादक ताड़ की शराब, दक्षिण भारत में लोकप्रिय.
- •सोल कढ़ी (महाराष्ट्र, गोवा): कोकम और नारियल के दूध से बना ठंडा पेय, पाचक, मसालेदार, गुलाबी रंग का.
- •महुआ (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़): महुआ के फूलों से बनी पारंपरिक आदिवासी शराब, मीठी, सुगंधित, आदिवासी समुदायों में महत्वपूर्ण.
- •आम पन्ना (उत्तर भारत): कच्चे आमों से बना ताज़ा गर्मी का पेय, मीठा, खट्टा, मसालेदार, शरीर को ठंडा रखता है.
- •लस्सी (पंजाब, हरियाणा): दही आधारित पेय, मीठा या नमकीन, ठंडा, उत्तर भारत में व्यापक रूप से सेवन किया जाता है.
- •ठंडाई (उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र): होली जैसे त्योहारों पर तैयार किया जाने वाला मसालेदार दूध का पेय, सुगंधित, ऊर्जावान.
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