शादी में विदाई के समय दुल्हन चावल पीछे क्यों फेंकती है? जानें गहरा अर्थ.

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News18•03-01-2026, 16:42
शादी में विदाई के समय दुल्हन चावल पीछे क्यों फेंकती है? जानें गहरा अर्थ.
- •भारतीय विवाह में विदाई (पाठवणी) के दौरान दुल्हन का चावल पीछे फेंकना एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक परंपरा है, जिसके पीछे कई गहरे अर्थ छिपे हैं.
- •यह अनुष्ठान बेटी को 'घर की लक्ष्मी' मानकर यह सुनिश्चित करता है कि उसके जाने के बाद भी माता-पिता के घर में धन, धान्य और समृद्धि बनी रहे.
- •चावल फेंकना माता-पिता के प्रति बचपन से लेकर बड़े होने तक किए गए सभी त्याग और प्रेम के लिए आभार व्यक्त करने का एक तरीका है.
- •'अक्षत' (कभी न घटने वाला) चावल फेंककर दुल्हन अपने मायके के लिए अन्न की कमी न होने और परिवार के हमेशा खुश रहने की प्रार्थना करती है.
- •यह नकारात्मक ऊर्जा से घर की रक्षा करने, बुरी नज़र से बचाने और कुछ मान्यताओं के अनुसार 'अन्न ऋण' चुकाने का भी प्रतीक है, जो नए जीवन की शुरुआत दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विदाई में चावल फेंकना दुल्हन द्वारा अपने मायके की समृद्धि, खुशी और माता-पिता के प्रति आभार का प्रतीक है.
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