Researchers warn that if greenhouse gas emissions continue at current levels, arsenic concentrations in rice could reach dangerous thresholds by 2050. (AI Generated)
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News1809-01-2026, 13:40

बढ़ते तापमान और CO2 से चावल बन रहा जहरीला: एक वैश्विक स्वास्थ्य खतरा.

  • एक नए अध्ययन से पता चला है कि बढ़ते तापमान और CO2 के स्तर के कारण चावल अधिक मात्रा में जहरीला अकार्बनिक आर्सेनिक सोख रहा है.
  • चावल के सेवन से आर्सेनिक के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हृदय रोग, मधुमेह और विभिन्न प्रकार के कैंसर का खतरा होता है.
  • यह समस्या, जिसका अध्ययन पहले चीन के यांग्त्ज़ी नदी डेल्टा में किया गया था, अब भारत, वियतनाम और इंडोनेशिया सहित पूरे एशिया में एक बढ़ता खतरा है.
  • यदि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अनियंत्रित रहता है, तो 2050 तक चावल में आर्सेनिक का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुँच सकता है.
  • समाधानों में उत्सर्जन कम करना, आर्सेनिक-अवरोधक चावल की किस्में विकसित करना और ब्राउन राइस के बजाय बासमती चावल चुनना शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जलवायु परिवर्तन आर्सेनिक के साथ चावल को जहरीला बना रहा है, जिससे विशेष रूप से एशिया में गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहा है.

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