जलवायु परिवर्तन से चावल में आर्सेनिक बढ़ा: गंभीर स्वास्थ्य जोखिम, तत्काल समाधान की आवश्यकता.

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News18•09-01-2026, 17:25
जलवायु परिवर्तन से चावल में आर्सेनिक बढ़ा: गंभीर स्वास्थ्य जोखिम, तत्काल समाधान की आवश्यकता.
- •अंतर्राष्ट्रीय शोध के अनुसार, बढ़ते वैश्विक तापमान और CO₂ के स्तर के कारण चावल में आर्सेनिक की मात्रा अधिक अवशोषित हो रही है.
- •द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित कोलंबिया विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि गर्म, कार्बन-समृद्ध वातावरण में उगाए गए चावल में अकार्बनिक आर्सेनिक का स्तर बढ़ता है.
- •आर्सेनिक, एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला तत्व है, जो सेवन करने पर हृदय रोग, मधुमेह और त्वचा, फेफड़े और मूत्राशय के कैंसर का कारण बन सकता है.
- •चावल के लिए उपयोग की जाने वाली जलमग्न खेती के तरीकों से अन्य फसलों की तुलना में 10-20 गुना अधिक आर्सेनिक अवशोषण होता है, यह समस्या चीन और भारत जैसे एशियाई देशों में देखी गई है.
- •विशेषज्ञ वैश्विक उत्सर्जन को कम करने, कम आर्सेनिक वाली चावल की किस्में विकसित करने और बासमती चावल व बाजरा जैसे आहार परिवर्तन का सुझाव देते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जलवायु परिवर्तन से चावल में आर्सेनिक बढ़ रहा है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हैं; उत्सर्जन और आहार पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है.
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