रोजमर्रा की खाने की आदतें परफेक्ट डाइट से बेहतर: विशेषज्ञ

जीवनशैली
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News18•20-01-2026, 23:36
रोजमर्रा की खाने की आदतें परफेक्ट डाइट से बेहतर: विशेषज्ञ
- •द सिनामन किचन की संस्थापक प्रियाशा सलूजा का कहना है कि रोजमर्रा की व्यावहारिक खाने की आदतें कठोर, परफेक्ट डाइट से ज़्यादा प्रभावी होती हैं.
- •अधिकांश डाइट प्लान विफल हो जाते हैं क्योंकि वे 'आदर्श दिनों' के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों को नहीं दर्शाते हैं.
- •खाने में निरंतरता तब बेहतर होती है जब आदतें छोटी, दोहराने योग्य और यथार्थवादी हों, जो लगातार योजना बनाए बिना दैनिक दिनचर्या में फिट हों.
- •सलूजा यथार्थवादी अपेक्षाएं निर्धारित करने, आनंददायक व्यायाम चुनने, संक्षिप्त ट्रैकिंग और दो भोजन को सुसंगत रखने की सलाह देती हैं.
- •द सिनामन किचन के उत्पाद वास्तविक जीवन के क्षणों के अनुरूप डिज़ाइन किए गए हैं, जो प्री-वर्कआउट कुकीज़ या स्वस्थ चाय-समय स्नैक्स जैसे व्यावहारिक विकल्प प्रदान करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्थायी स्वास्थ्य लगातार, यथार्थवादी रोजमर्रा की खाने की आदतों से आता है, न कि अप्राप्य परफेक्ट डाइट से.
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