Roti-sabzi alone is carb-heavy and lacks enough protein for modern health needs.
जीवनशैली
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News1819-12-2025, 10:14

रोटी-सब्जी: क्या भारत का पारंपरिक भोजन आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है?

  • डॉ. सुकृत सिंह सेठी के अनुसार, पारंपरिक रोटी-सब्जी, जो अक्सर कार्बोहाइड्रेट-युक्त होती है, तेजी से ग्लूकोज बढ़ाती है और इंसुलिन छोड़ती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध, मधुमेह और मोटापा होता है.
  • भारतीय आहार में प्रोटीन की पुरानी कमी एक बड़ी समस्या है; औसत सेवन अनुशंसित स्तर से काफी कम है, जो चयापचय स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा और मांसपेशियों के रखरखाव को प्रभावित करता है.
  • डॉ. अर्चना बत्रा बताती हैं कि पर्याप्त प्रोटीन और स्वस्थ वसा के बिना, रोटी-सब्जी रक्त शर्करा में अस्थिरता पैदा करती है, जिससे तेजी से उतार-चढ़ाव और अधिक खाने की इच्छा होती है.
  • कई सब्जियां कार्बोहाइड्रेट-युक्त होती हैं, अधिक पकाई जाती हैं, या उनमें विविधता की कमी होती है, जिससे भोजन का संतुलन बिगड़ता है और पोषक तत्वों का घनत्व कम होता है.
  • विशेषज्ञ "प्रोटीन-फर्स्ट" दृष्टिकोण की वकालत करते हैं: पहले प्रोटीन, फिर सब्जियां, और रोटी/चावल सहायक तत्व के रूप में; साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और विविध सामग्री शामिल करें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की प्रिय रोटी-सब्जी का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है; आधुनिक स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन और विविध पोषक तत्वों से संतुलित करें.

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