Ayurveda offers a more precise explanation, one rooted in seasonal physiology, digestive fire (Agni), and the timing of food intake
जीवनशैली
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News1817-12-2025, 13:01

सर्दियों में वजन बढ़ना सामान्य, आयुर्वेदिक खाने के समय से करें नियंत्रित.

  • आयुर्वेद सर्दियों को शरीर के पुनर्निर्माण और मजबूती के लिए एक पोषणकारी मौसम मानता है, जिसमें अग्नि (पाचन अग्नि) प्रबल होती है.
  • देर रात का भोजन और निष्क्रियता जैसे आधुनिक आदतें, न कि मजबूत अग्नि, सर्दियों में वसा संचय (मेदो वृद्धि) और चयापचय असंतुलन का कारण बनती हैं.
  • महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक खाने के समय: दोपहर में सबसे भारी भोजन (12-2 बजे), हल्का नाश्ता (7-9 बजे), और शाम 7 बजे से पहले हल्का रात का खाना.
  • वजन बढ़ना केवल कैलोरी सेवन से नहीं, बल्कि दोष असंतुलन (कफ वृद्धि) और अमा (पाचन संबंधी अवशेष) से जुड़ा है.
  • अग्नि के साथ खाने के समय को संरेखित करके, सक्रिय जीवनशैली अपनाकर और व्यक्तिगत प्रकृति का सम्मान करके सर्दियों में वजन बढ़ने को उलटा जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आयुर्वेदिक खाने के समय और जीवनशैली को अग्नि व प्रकृति के अनुसार ढालकर सर्दियों में वजन कम करें.

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