इलाहाबाद HC: लिव-इन कपल्स को सुरक्षा का अधिकार, सामाजिक नैतिकता से परे.

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News18•19-12-2025, 21:16
इलाहाबाद HC: लिव-इन कपल्स को सुरक्षा का अधिकार, सामाजिक नैतिकता से परे.
- •इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले वयस्क जोड़ों को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा का अधिकार है.
- •न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की पीठ ने पिछली खंडपीठ के फैसले को मानने से इनकार किया, जो अलग तथ्यों पर आधारित था.
- •कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों को बरकरार रखा, कहा कि वयस्कों की व्यक्तिगत पसंद में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता.
- •उत्तर प्रदेश सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए, कोर्ट ने वयस्क स्वायत्तता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया.
- •अदालत ने जोर दिया कि विवाह की अनुपस्थिति संवैधानिक सुरक्षा से इनकार का आधार नहीं हो सकती; राज्य का कर्तव्य स्वतंत्रता की रक्षा करना है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लिव-इन कपल्स को संवैधानिक सुरक्षा का अधिकार है, जो वयस्क स्वायत्तता को सामाजिक मानदंडों से ऊपर रखता है.
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