इलाहाबाद HC: लिव-इन रिलेशनशिप अपराध नहीं, 12 जोड़ों को सुरक्षा का आदेश.

भारत
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News18•19-12-2025, 12:07
इलाहाबाद HC: लिव-इन रिलेशनशिप अपराध नहीं, 12 जोड़ों को सुरक्षा का आदेश.
- •इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 लिव-इन जोड़ों को पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया, जिन्हें परिवार से धमकियां मिल रही थीं.
- •न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले वयस्कों को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए राज्य संरक्षण का अधिकार है.
- •अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह न करने से नागरिकों के मौलिक अधिकारों से उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता.
- •न्यायालय ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप की वैधता सामाजिक असहजता या व्यक्तिगत नैतिकता से प्रभावित नहीं होती है.
- •राज्य का कर्तव्य है कि वह प्रत्येक नागरिक के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करे; सभी 12 याचिकाओं को मंजूरी दी गई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इलाहाबाद HC ने लिव-इन जोड़ों के मौलिक अधिकारों को बरकरार रखा, पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया.
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