बिरयानी से परे: 8 शाही सूप जो मुगल बादशाहों की सर्दियों को गरमाते थे.

ज्ञान
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News18•22-12-2025, 12:38
बिरयानी से परे: 8 शाही सूप जो मुगल बादशाहों की सर्दियों को गरमाते थे.
- •मुगल बादशाह, खासकर सर्दियों में, 8 तरह के सूप का खूब सेवन करते थे, जिनमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों शामिल थे.
- •शाहजहाँ के शासनकाल की रसोई की किताब "नुस्खा-ए-शाहजहानी" में इन 8 सूपों का विस्तृत विवरण है, जैसे आश-ए-केश्तलेह, आश-ए-बावर्दी और शोरबा-ए-गोश्त.
- •सूप मुगल शाही व्यंजनों का अभिन्न अंग थे, जिन्हें हल्का, पाचक, पौष्टिक और भारी भोजन से पहले भूख बढ़ाने वाला माना जाता था.
- •मुगलों ने मध्य एशियाई और फारसी परंपराओं से प्रभावित होकर सूप अपनाए, और उन्हें यूनानी तिब्ब प्रणाली के अनुसार स्वास्थ्य और "दोषों" को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल किया.
- •ये सूप, अक्सर कीमा शोरबा और यखनी जैसे मांसाहारी होते थे, यात्राओं और युद्धों के दौरान पोषण के लिए भी महत्वपूर्ण थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुगल बादशाह स्वास्थ्य, भूख और पोषण के लिए "नुस्खा-ए-शाहजहानी" में वर्णित 8 विविध सूप का आनंद लेते थे.
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