आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए हल्का खाना खाएं.
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News1802-02-2026, 15:40

आयुर्वेद का रहस्य: सही खाएं, स्वस्थ रहें, बीमारियों को दूर भगाएं

  • आयुर्वेद सही मात्रा और तरीके से भोजन करने पर जोर देता है, जिससे ऊर्जा मिलती है, अंगों का विकास होता है और बीमारियों से बचाव होता है.
  • भूख से अधिक खाने से शरीर पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिससे आलस्य, सुस्ती, गैस और कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं.
  • आयुर्वेदिक नियम के अनुसार, पेट का आधा हिस्सा ठोस भोजन से, एक चौथाई तरल पदार्थ से भरना चाहिए और एक चौथाई खाली छोड़ना चाहिए.
  • यह खाली जगह पाचन अग्नि और वायु को ठीक से काम करने देती है, जिससे भोजन ठीक से पचता है और शरीर को पूरा लाभ मिलता है.
  • भोजन के बाद हल्कापन और चार घंटे बाद स्वाभाविक भूख लगना संतुलित भोजन का संकेत है, जबकि भारीपन या नींद आना अधिक खाने का संकेत है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आयुर्वेद संतुलित भोजन की वकालत करता है, जिसमें आधा ठोस, एक चौथाई तरल और एक चौथाई खाली पेट रखना चाहिए.

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