गेहूं का होला: फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी जबरदस्त काम करता है.
गेहूं का होला: फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी जबरदस्त काम करता है.
- •छतरपुर जिले में गेहूं का होला परंपरा और स्वास्थ्य का अनूठा संगम है, चैत्र माह में इसे खाने की परंपरा है.
- •गेहूं का होला हरे गेहूं की बालियों को आग में हल्का भूनकर निकाले गए दानों को कहते हैं, जो स्वाद में लाजवाब होते हैं.
- •गांवों में इसे आंवला, मिर्च या गुड़ के साथ खाया जाता है, गुड़ के साथ इसका स्वाद अद्भुत होता है.
- •यह फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारता है और वजन नियंत्रण में सहायक है.
- •होला के अलावा, गेहूं की बालियों से हलवा, पूआ और लापसी जैसे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं.
छतरपुर में हिंदू नव वर्ष के दौरान पारंपरिक रूप से गेहूं होला खाया जाता है। इस परंपरा में ताज़ी गेहूं की बालियों को भूनना शामिल है।