मैदा: सफेद दिखने वाला साइलेंट खतरा, आंतों को कर देगा बर्बाद, जानें नुकसान

जीवनशैली
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News18•27-01-2026, 18:25
मैदा: सफेद दिखने वाला साइलेंट खतरा, आंतों को कर देगा बर्बाद, जानें नुकसान
- •मैदा (रिफाइंड आटा) बिस्कुट, समोसे, पिज्जा जैसे लोकप्रिय व्यंजनों में व्यापक रूप से उपयोग होता है, लेकिन इसमें आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है.
- •गेहूं को संसाधित करते समय, चोकर और रोगाणु (फाइबर, विटामिन, खनिज से भरपूर) हटा दिए जाते हैं, जिससे केवल स्टार्च बचता है, जिसे आयुर्वेद में 'निसत्व आहार' कहा जाता है.
- •इसकी चिपचिपी प्रकृति के कारण यह आंतों में जमा हो जाता है, जिससे पाचन और पोषक तत्वों का अवशोषण बाधित होता है और विली को नुकसान पहुँचता है.
- •मैदे को सफेद करने के लिए एलोक्सन जैसे रासायनिक ब्लीचिंग एजेंटों का उपयोग किया जाता है, और इसकी अम्लीय प्रकृति शरीर के संतुलन को बिगाड़ सकती है, जिससे हड्डियाँ कमजोर हो सकती हैं.
- •मैदे का उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स रक्त शर्करा में तेजी से वृद्धि करता है, जिससे वजन बढ़ने, इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मैदा, हालांकि आम है, पोषक तत्वों की कमी, पाचन संबंधी समस्याओं और रासायनिक प्रसंस्करण के कारण एक मूक स्वास्थ्य खतरा है.
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