वात दोष असंतुलन: राहत के लिए आजमाएं आयुर्वेद के 5 आसान उपाय
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News1831-01-2026, 21:41

वात दोष असंतुलन: राहत के लिए आजमाएं आयुर्वेद के 5 आसान उपाय

  • वात दोष शरीर में ऊर्जा, गति, रक्त संचार और तंत्रिका तंत्र को नियंत्रित करता है, जो वायु और आकाश से जुड़ा है.
  • वात के असंतुलन से त्वचा, बाल, हृदय गति और समग्र शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
  • आयुर्वेद स्नेहापान (तिल के तेल जैसे गर्म तेल का सेवन) और अभ्यंग (तेल मालिश) को वात शांत करने के लिए सुझाता है.
  • स्वेदन (व्यायाम या योग से पसीना लाना) शरीर में ऊर्जा प्रवाह को बेहतर बनाता है और वात दोष को शांत करता है.
  • वात संतुलित आहार में खट्टे, मीठे और नमकीन स्वाद वाले गर्म खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जबकि वेष्टन (गर्म सेंक) जोड़ों के दर्द से राहत देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वात दोष को संतुलित करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय जैसे तेल का सेवन, मालिश, पसीना, आहार और गर्म सेंक अपनाना महत्वपूर्ण है.

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