क्या मधुमेह रोगी रोज चीकू खा सकते हैं? विशेषज्ञों की राय जानें

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News18•03-02-2026, 09:56
क्या मधुमेह रोगी रोज चीकू खा सकते हैं? विशेषज्ञों की राय जानें
- •चीकू (सपोटा) विटामिन (ए, बी, सी, ई), खनिज (कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, मैंगनीज), फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो हड्डियों की मजबूती, आंखों की रोशनी, फेफड़ों के स्वास्थ्य और पाचन में सुधार जैसे लाभ प्रदान करता है.
- •आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद आनंद तिवारी चीकू के हृदय स्वास्थ्य, पेट संबंधी समस्याओं (कब्ज, सूजन, दस्त) के प्रबंधन, सूजन कम करने, शरीर की गर्मी कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लाभों पर प्रकाश डालते हैं.
- •सपोटा में प्राकृतिक शर्करा (फ्रुक्टोज, सुक्रोज) होती है जो त्वरित ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे यह थकान या कसरत के लिए उपयुक्त है; इसके विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को उम्र बढ़ने से बचाने वाले लाभ भी प्रदान करते हैं और गर्भवती महिलाओं को मतली में मदद कर सकते हैं.
- •अपने लाभों के बावजूद, चीकू में प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है और इसका ग्लाइसेमिक लोड उच्च होता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर काफी बढ़ सकता है, जो खराब नियंत्रित मधुमेह वाले लोगों के लिए अनुपयुक्त है.
- •मधुमेह, अस्थिर रक्त शर्करा, लेटेक्स/टैनिन एलर्जी वाले व्यक्तियों या वजन घटाने वाले आहार पर रहने वालों को चीकू से बचना चाहिए; अमरूद, सेब या जामुन जैसे सुरक्षित विकल्प बेहतर माने जाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उच्च शर्करा सामग्री और ग्लाइसेमिक लोड के कारण मधुमेह रोगियों को चीकू से सावधानी बरतनी चाहिए.
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