खास बात यह है कि इस मिठाई को बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बड़े चाव से खाते हैं. मकर संक्रांति के आसपास तो इस मिठाई की मांग और भी बढ़ जाती है. त्योहार के दिनों में यह मिठाई घर आए मेहमानों को परोसने के लिए भी खास बन जाती है.
जीवनशैली
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News1831-12-2025, 20:06

झारखंड-बिहार की पारंपरिक चूड़े की लाई: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम.

  • चूड़े की लाई झारखंड और बिहार की एक पारंपरिक शीतकालीन मिठाई है, जो मकर संक्रांति के आसपास विशेष रूप से लोकप्रिय है.
  • हजारीबाग की रवीना कच्छप ने इस स्वादिष्ट और बनाने में आसान मिठाई की विधि साझा की है.
  • इसे बनाने के लिए कम सामग्री की आवश्यकता होती है: चूड़ा, गुड़, अदरक और तिल.
  • बनाने की विधि में चूड़ा भूनना, अदरक और तिल के साथ गुड़ की चाशनी बनाना, फिर मिलाकर लड्डू बनाना शामिल है.
  • यह मिठाई पौष्टिक है, सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में मदद करती है और सभी आयु वर्ग के लोग इसे पसंद करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: झारखंड-बिहार की पारंपरिक चूड़े की लाई मिठाई सर्दियों में स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है.

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