पालक का झोर: मिथिलांचल का पारंपरिक व्यंजन, हीमोग्लोबिन बढ़ाने का देसी नुस्खा

जीवनशैली
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News18•31-01-2026, 19:24
पालक का झोर: मिथिलांचल का पारंपरिक व्यंजन, हीमोग्लोबिन बढ़ाने का देसी नुस्खा
- •पालक का झोर मिथिलांचल का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में 'कम्फर्ट फूड' के रूप में प्रसिद्ध है.
- •यह आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने और आंखों की रोशनी सुधारने में सहायक है.
- •इसके बनाने की विधि में मसालों का संतुलित उपयोग होता है, जिससे पालक के औषधीय गुण बरकरार रहते हैं.
- •इसे बनाने के लिए पालक को उबालकर पेस्ट बनाया जाता है और सरसों के तेल में जीरा, सूखी मिर्च, तेजपत्ता, लहसुन और प्याज से तड़का लगाया जाता है.
- •गरमागरम उबले चावल और आलू के चोखा के साथ परोसा जाने वाला यह व्यंजन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुपाच्य और पौष्टिक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पालक का झोर मिथिलांचल का एक पौष्टिक और पारंपरिक व्यंजन है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.
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