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News1805-01-2026, 15:25

वैज्ञानिकों ने बनाई 'कांटे रहित' मछली: अब बेफिक्र होकर खाएं!

  • चीनी वैज्ञानिकों ने CRISPR/Cas9 जीन एडिटिंग का उपयोग करके 'केंडाई' (क्रूसियन कार्प) की 'कांटे रहित' प्रजाति 'झोंगके नंबर 6' विकसित की है.
  • मछली में बारीक कांटे बनाने वाले 'RunX2b' जीन को 6 साल के शोध के बाद संशोधित किया गया, जिससे केवल रीढ़ की हड्डी बची.
  • यह नई मछली 25% तेजी से बढ़ती है, कम चारा खाती है और रोग प्रतिरोधी है, जिससे उपभोक्ताओं और किसानों दोनों को लाभ होगा.
  • पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इसे 'बाँझ' बनाया गया है ताकि यह प्राकृतिक जल स्रोतों में न मिले.
  • हालांकि यह मछली बाजार में आने में समय लेगी, तब तक सुरमई, पॉम्फ्रेट जैसी कम कांटे वाली भारतीय मछलियां खाई जा सकती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चीनी वैज्ञानिकों ने जीन-एडिटेड 'कांटे रहित' मछली बनाई, जो भविष्य में मछली खाने का अनुभव बदल देगी.

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