खर्राटे गहरी नींद नहीं, गंभीर बीमारी का संकेत! जानें कब हो जाना चाहिए अलर्ट.

गाजियाबाद
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News18•11-01-2026, 11:20
खर्राटे गहरी नींद नहीं, गंभीर बीमारी का संकेत! जानें कब हो जाना चाहिए अलर्ट.
- •रोजाना तेज खर्राटे या नींद में सांस रुकना सामान्य नहीं है और इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है.
- •स्लीप एपनिया खर्राटों का एक प्रमुख कारण है, जो नींद को बाधित करता है और हृदय, मस्तिष्क व रक्तचाप को प्रभावित करता है.
- •तेज खर्राटे हृदय रोगों और उच्च रक्तचाप से जुड़े हैं, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
- •मोटापा, शराब, धूम्रपान और अनियमित नींद की आदतें खर्राटों को बढ़ाती हैं; जीवनशैली में बदलाव से सुधार हो सकता है.
- •बंद नाक, साइनस की समस्या या बढ़े हुए टॉन्सिल भी खर्राटों का कारण बन सकते हैं, जिसके लिए ईएनटी डॉक्टर से सलाह आवश्यक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तेज, लगातार खर्राटे एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चेतावनी है, जो अक्सर स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत है.
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