नथ: सुहाग का प्रतीक बनने की कहानी, राजघरानों से घर-घर तक का सफर, और पहाड़ पर इसके प्रति लोगों की गहरी भावनाएं. उत्तराखंड समाचार.
Loading more articles...
पहाड़ी नथ: राजघरानों से घर-घर तक, जानें क्यों है यह सुहाग का प्रतीक और गर्व का विषय.
N
News18•24-02-2026, 22:10
पहाड़ी नथ: राजघरानों से घर-घर तक, जानें क्यों है यह सुहाग का प्रतीक और गर्व का विषय.
•पहाड़ी नथ, विशेषकर टिहरी नथ, अपनी अनूठी कारीगरी, गोलाकार आकार और जटिल मीनाकारी के लिए प्रसिद्ध है, जो पारंपरिक रूप से शुद्ध सोने से बनी होती है.
•उत्तराखंड में, नथ को 'सुहाग का प्रतीक' माना जाता है, जिसे दुल्हन को मायके पक्ष से उपहार में दिया जाता है और शादी के दौरान विवाहित स्थिति की घोषणा के रूप में पहना जाता है.
•ऐतिहासिक रूप से, नथ केवल टिहरी शाही परिवार के लिए थी; इसका वजन परिवार की समृद्धि का प्रतीक था, और यह अब सभी महिलाओं के लिए गर्व और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन गई है.
•पहाड़ों में शादियों में 'नथ पहनाने' की रस्म बेहद भावुक होती है, जो बेटी के वैवाहिक जीवन में प्रवेश का प्रतीक है और माना जाता है कि यह चेहरे पर एक विशेष चमक लाती है.
•बदलते फैशन के बावजूद, पहाड़ी नथ की लोकप्रियता बढ़ी है, हल्के संस्करण भी उपलब्ध हैं, और यह उत्तराखंड की लोक कला और परंपराओं का एक जीवंत उदाहरण है.