New research shows lack of sleep can physically slow brain signals by damaging myelin, the protective layer that helps brain cells communicate efficiently. (Image-AI)
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News1802-02-2026, 08:00

नए अध्ययन से खुलासा: नींद की कमी से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है

  • PNAS में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चला है कि नींद की कमी से मस्तिष्क की वायरिंग शारीरिक रूप से बदल जाती है, जिससे याददाश्त कमजोर होती है और तंत्रिका संकेत धीमे हो जाते हैं.
  • अपर्याप्त नींद माइलिन को नुकसान पहुंचाती है, जो तंत्रिका तंतुओं के चारों ओर एक वसायुक्त इन्सुलेशन है, और मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों के बीच तेजी से और कुशल संचार के लिए महत्वपूर्ण है.
  • शोध में पाया गया कि नींद की कमी से ओलिगोडेंड्रोसाइट्स में कोलेस्ट्रॉल के प्रबंधन में बाधा आती है, जो माइलिन के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कोशिकाएं हैं, जिससे मस्तिष्क में संरचनात्मक और कार्यात्मक समस्याएं होती हैं.
  • मानव स्वयंसेवकों के एमआरआई स्कैन में खराब नींद वाले लोगों में सफेद पदार्थ की अखंडता कम पाई गई, जबकि नींद से वंचित चूहों में पतला माइलिन, धीमे विद्युत संकेत और बिगड़ा हुआ संज्ञानात्मक कार्य देखा गया.
  • अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि आधुनिक जीवनशैली से बढ़ने वाली पुरानी नींद की कमी, मस्तिष्क की प्रसंस्करण गति और दीर्घकालिक मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित करके एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती पेश करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नींद की कमी सिर्फ थकान नहीं है; यह मस्तिष्क की वायरिंग को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाती है, कार्यप्रणाली को धीमा करती है और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है.

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