चावल को भिगोकर पकाने से पाचन आसान हो जाता है.
जीवनशैली
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News1818-02-2026, 17:14

चावल भिगोना क्यों है जरूरी? रिसर्च ने खोले सेहत के राज, जानें सही तरीका.

  • चावल को पकाने से पहले भिगोने से फाइटिक एसिड कम होता है, जो खनिजों के अवशोषण को रोकता है.
  • यह प्रक्रिया आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे आवश्यक खनिजों के अवशोषण को बढ़ाती है, खासकर कमी वाले लोगों के लिए फायदेमंद है.
  • भिगोने से चावल का स्वाद और बनावट बेहतर होती है, यह नरम और जल्दी पकता है, साथ ही पाचन भी आसान होता है क्योंकि एंजाइम सक्रिय होते हैं.
  • यह चावल के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करता है, जिससे रक्त शर्करा में अचानक वृद्धि नहीं होती, जो मधुमेह रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है.
  • सही भिगोने का समय चावल के प्रकार पर निर्भर करता है: सफेद चावल 15-20 मिनट, बासमती 20-30 मिनट, ब्राउन राइस 6-8 घंटे, और साबुत अनाज 8-12 घंटे; भिगोने से पहले चावल को अच्छी तरह धो लें.

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