भारत में नींद का संकट: डॉक्टर चेतावनी देते हैं, 7-8 घंटे से कम नींद शरीर को नुकसान पहुंचाती है और एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम है.
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भारत का स्लीप क्राइसिस: डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं, शरीर हो रहा है तबाह.
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News18•12-03-2026, 15:23
भारत का स्लीप क्राइसिस: डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं, शरीर हो रहा है तबाह.
•डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि अपर्याप्त नींद (7-8 घंटे से कम) भारत में तेजी से एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन रही है, जो चुपचाप शरीर को तबाह कर रही है.
•बच्चे तेजी से नींद से वंचित हो रहे हैं (विश्व स्तर पर 20-60%), अत्यधिक स्क्रीन समय और अनियमित दिनचर्या उनके विकास को बाधित कर रही है.
•वयस्कों की नींद लंबे काम के घंटों, डिजिटल स्क्रीन (ब्लू लाइट), तनाव और अनियमित शहरी जीवनशैली से प्रभावित होती है, जो मेलाटोनिन को दबाती है.
•पुरानी नींद की कमी से हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, कमजोर प्रतिरक्षा, चिंता और संज्ञानात्मक हानि जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे होते हैं.
•विशेषज्ञ नींद को स्वास्थ्य का एक मूलभूत स्तंभ मानने का आग्रह करते हैं, जिसमें लगातार नींद का कार्यक्रम, स्क्रीन समय में कमी और लगातार समस्याओं के लिए चिकित्सा परामर्श की सलाह दी जाती है.