विश्व नींद दिवस: नींद का विज्ञान जानें - पर्याप्त आराम क्यों ज़रूरी है और इसकी कमी से कैसे होता है बड़ा नुकसान.
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भारत की नींद की आदतें सुधर रही हैं: अध्ययन में प्रगति, बाधाएं और समाधान सामने आए.
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News18•14-03-2026, 13:08
भारत की नींद की आदतें सुधर रही हैं: अध्ययन में प्रगति, बाधाएं और समाधान सामने आए.
•वर्ल्ड स्लीप डे 2026 के लिए LocalCircles के एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन से भारतीय नींद के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं, जो 'साइलेंट स्लीप एपिडेमिक' के खिलाफ एक मोड़ का संकेत है.
•अभी भी 46% भारतीयों को प्रतिदिन छह घंटे से कम निर्बाध नींद मिलती है, जो पिछले साल के 59% से एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो बढ़ती सार्वजनिक जागरूकता को दर्शाता है.
•अपर्याप्त नींद उत्पादकता के नुकसान, उच्च रक्तचाप, चयापचय संबंधी विकारों और संज्ञानात्मक गिरावट में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करती है.
•नींद में मुख्य बाधाओं में बार-बार शौचालय का उपयोग (72%), अनियमित पारिवारिक कार्यक्रम, बाहरी शोर और मच्छर शामिल हैं; कई लोग सप्ताहांत में भी खोई हुई नींद पूरी नहीं कर पाते हैं.
•अच्छी नींद के प्रभावी समाधानों में हल्का रात का खाना, दैनिक शारीरिक व्यायाम, एक खुशहाल घरेलू वातावरण, सुबह की धूप और स्क्रीन से नीली रोशनी कम करना शामिल है.