यूरिक एसिड और दाल: डाइटिशियन ने बताया दाल खाने का सही तरीका, दूर होंगे भ्रम

जीवनशैली
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News18•03-02-2026, 09:42
यूरिक एसिड और दाल: डाइटिशियन ने बताया दाल खाने का सही तरीका, दूर होंगे भ्रम
- •डाइटिशियन किरण कुकरेजा के अनुसार, यूरिक एसिड के डर से दालें पूरी तरह छोड़ना गलत है, क्योंकि यह शरीर को प्रोटीन और फाइबर से वंचित करता है.
- •प्यूरीन, जो दालों जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, पाचन के बाद यूरिक एसिड में बदल जाता है; उच्च स्तर से गाउट और गुर्दे की पथरी हो सकती है.
- •पीली मूंग दाल में प्यूरीन बहुत कम (25-35 मिलीग्राम) होता है, इसलिए इसे यूरिक एसिड वाले लोग रोजाना बिना डर के खा सकते हैं.
- •छिलके वाली मूंग दाल, मसूर दाल और अरहर दाल (35-50 मिलीग्राम प्यूरीन) को भिगोकर सप्ताह में 3-4 बार खाया जा सकता है, जिससे प्यूरीन कम होता है.
- •काबुली चना, राजमा और काला चना (75-90 मिलीग्राम प्यूरीन) कभी-कभी ही खाएं, जबकि सोयाबीन और सोया चंक्स (120-140 मिलीग्राम) को गंभीर यूरिक एसिड की समस्या होने पर पूरी तरह से टालना चाहिए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्यूरीन सामग्री और तैयारी के आधार पर दालों का सेवन यूरिक एसिड प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है.
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